Tuesday, April 19, 2011

भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार,
यह बहुत बड़ी बीमारी है। इसे ख़त्म करने के लिए जो कदम उठाये जाएं वो कम होंगे । पहले तो हमें अपनी गलत सोच को सही व् तथ्यताम्क बनाना होगा। इस में एक आदमी से कुश होने वाला नहीं है। सब बात नियत की है, नियत अगर साफ होगी तो भ्रस्ताचार खत्म होगा अन्यथा यह खली पुलाव की तरह ही होगा। सब लोग इमानदारी से काम करें तो कुश करने की जरूरत नहीं होगी। सब को एक साथ मिल कर चलना होगा। तब यह बीमारी जड़ से ख़त्म हो सकती हैं। एक अन्ना किस-किस से उलझेगें। सब अगर साथ होगे तो २-४ वो भी किनारे लग जायगें।
जय हिंद! जय भारत।
द्वारा-भजन सिंह घारू

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