ग्लोबल हंगर ट्रैकिंग ने मंगलवार को भारत के संबंध में चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। इसके मुताबिक भारत विश्व के उन 117 देशों में 102वें नंबर पर आ गया है जहां बच्चों की लंबाई के अनुसार वजन नहीं है, बाल मृत्यु दर ज्यादा है और बच्चे कुपोषित हैं। ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) 2019 में कहा गया कि बच्चों को इस तरह से नुकसान पहुंचने का आंकड़ा 20.8 फीसदी है। रिपोर्ट में कहा गया कि विश्व में बच्चों के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन यमन, जिबूती और भारत का रहा जिनका फीसदी 17.9 से 20.8 के बीच है।
कपूर कमीशन की रिपोर्ट में भी साफ़ कहा गया है कि उन्हें इस बात का यक़ीन नहीं है कि सावरकर की जानकारी के बिना गाँधी हत्याकांड हो सकता था।सावरकर से जुड़े विवादों में एक बहुत महत्वपूर्ण विवाद है, वह है अंग्रेज़ सरकार को माफ़ीनामे लिखने का। 11 जुलाई 1911 को सावरकर अंडमान पहुँचे थे और 29 अगस्त को उन्होंने अपना पहला माफ़ीनामा लिखा, वहाँ पहुँचने के डेढ़ महीने के अंदर। इसके बाद 9 सालों में उन्होंने 5 बार अंग्रेज़ों को माफ़ी पत्र दिए। सावरकर ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि ‘अगर मैंने जेल में हड़ताल की होती तो मुझसे बाहर पत्र भेजने का अधिकार छीन लिया जाता।’ जेल से रिहा होने के बाद वह इसे अपनी एक रणनीति बताते थे।
















