Wednesday, April 6, 2011
धार्मिक चिन्य
धार्मिक चिन्य , मैं हर चीज की कद्र करता हूँ क्योंकि हर चीज अपना महत्व रखती है। खाश तौर पर आज मैं धार्मिक चिन्य के बारे में कुश कहना चाहता हूँ , मैं नहीं समझता की इस में kइसी का कोई अहित होगा । धार्मिक चिन्य किसी भी धर्म के हों सब समाननीय हैं ,पर उनका प्रयोग वहासह्य या धंधे के रूप में होने लगे तो गलती हो सकती है। इस बात को लोगों को समझाने की है। की वे धार्मिक चिन्य बनियान आदि या पहनने वाले कपड़ों पर न बनायं, वह कपड़ा पेरों के निचे तथा कभी-कभी हम उन को अपने निचे भी रख लेतें हैं। जिससे उन धार्मिक चिन्याओं का अनादर होता है। यहाँ तक भी संभव है की हम उसमें गन्दी चीजें भी साफ कर जातें हैं। मैं अपने ब्लॉग के माद्यम से सभी लोगों से अपील करता हूँ की वे कृपय ऐसा न करें जिससे अपने धरम का अनादर हो। विनीतकर्ता-भजन सिंह घारू
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