आज का विचार ,
विचारों की जीवन मै बड़ी महत्ता है। जो व्यक्ति विचारो की महत्ता को समझाता है उसे किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होती। विचारों की महत्ता और विचारों की स्वच्छ्त्ता दोनों अगर तालमेल बना ले तो वह व्यक्ति विद्वान् व् विदुषी बन जाता है । समाज मे भी उसकी अहमियत बढ जाती है तथा वहीं समाज उसकी बातों व् विचारों से आगे बढता है। वर्तमान के परिपेक्ष मे ऐसे विदुषियों की कमी समाज मे रह गई है। जिससे समाज का नुकशान हो सकता है।
विचारों की विनिमय तो हो रहा है। पर उस मे नीतिगत व् मार्ग प्रशस्त करने की शमता कम दिखाई देती है ।
हमारा सदा यह प्रयास रहना चाहिय की अच्छे विचारों को आत्मसात करे तथा बुरे विचारों बचे।
आज के लिय इतना ही !
द्वारा-भजन सिंह घारू
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